अयोध्या दौरे में मुख्यमंत्री योगी ने हनुमानगढ़ी के पुराने विवाद का किया जिक्र, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
During his visit to Ayodhya, Chief Minister Yogi referred
लखनऊ। During his visit to Ayodhya, Chief Minister Yogi referred, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या के अपने अल्प समय के कार्यक्रम में बड़े मुद्दे को हवा दे दी है।
सोहावल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास करने के बाद हनुमानगढ़ी परिसर में रोजा इफ्तार और नमाज की चर्चा की और विपक्षी दलों पर जमकर हमला भी बोला। उस समय इसको प्रकरण सिर्फ नमाज' तक सीमित नहीं था, इसको सांप्रदायिक सौहार्द का एक प्रयास बताया गया था।
समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार के दौरान अयोध्या में हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ने का प्रयास और रोजा इफ्तार का आयोजन एक बड़ा राजनीतिक विवाद रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या में एक कार्यक्रम में इसका उल्लेख करते हुए सपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने अपने संबोधन में अयोध्या की हनुमानगढ़ी में पूर्व सरकार में नमाज पढ़वाने संबंधी बयान दिया। इसे लेकर सियासत तेज हो गई है।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2003 में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। तब हनुमानगढ़ी में महंत ज्ञानदास ने इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। तब इस इफ्तार में बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाशिम अंसारी और मुस्लिम नेता सादिक अली (बाबू टेलर) सहित कई मुस्लिम प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
आरोप है कि तत्कालीन सरकार को खुश करने के लिए कुछ अधिकारियों ने हनुमानगढ़ी के सामने ही इफ्तार पार्टी का आयोजन किया और नमाज भी पढ़ी गई। उस समय कुछ संतों ने आपत्ति दर्ज की कि क्या किसी मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ हो सकता है। उस समय फैजाबाद (अब अयोध्या) के एसएसपी और अन्य स्थानीय लोगों/संतों के कड़ा विरोध करने पर कार्यक्रम में बाधा पड़ गई थी।
मामला अदालत में गया और वहां से इसके आयोजन पर रोक (स्टे) लगा दी गई थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने मंदिर परिसर में रोजा इफ्तार के आयोजनों पर रोक (स्टे) लगा दी गई थी। इसके बाद बढ़ते तनाव व विवाद के बाद महंत ज्ञान दास ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि भविष्य में हनुमानगढ़ी परिसर में रोजा इफ्तार नहीं कराया जाएगा। 21 मई 2019 को अयोध्या के वशिष्ठ कुंड क्षेत्र के सरयू कुंज मंदिर में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया था।